व्यावसायिक शिक्षा
स्वागतयोग्य है ...कि नई रोज़गार मांगों के अनुरूप CBSE या अन्य राज्य बोर्ड PROFESSIONAL शिक्षा के लिए अपने अपने पाठ्यक्रमों में बदलाव की चहलकदमी कर रहे हें ..जाहिर है कि सरकार के अभिकर्ता के रूप में ये एजेंसियां समाज के युवा ढाँचे के भविष्य के प्रति चिंतित हें ..यहाँ बस मेरी जिज्ञासा इतनी सी है कि आज उच्च तकनीकी शिक्षा में दक्ष किये जाने के बाद भी IIT और अन्य तकनीकी ,व्यावसायिक संस्थानों के मेधावी छात्र आत्महत्या कर रहे हें और ये दुःखद घटनाएं क्रमशः बढ़ रही हें ..ऐसे में क्या इनकी रोज़गार संभावनाओं की सैद्धांतिक जरूरतों के सिवा वास्तविक संवेदनशीलता के स्तर पर भी कुछ पहल अपेक्षित है ??
1 comment:
वन्दे मातरम् ..जय हिंद
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